तंत्र शास्त्र भारत की एक प्राचीन विद्या है। यह शास्त्र, वेदों के समय से हिन्दू धर्म का अभिन्न अंग रहा है। विश्वास है कि तंत्र ग्रंथ भगवान शिव के मुख से आविर्भूत हुए हैं। उनको पवित्र और प्रामाणिक माना गया है। भारतीय साहित्य में तंत्र की एक विशिष्ट स्थिति ... आगे पढ़ें...
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तंत्र शास्त्र भारत की एक प्राचीन विद्या है। विश्वास है कि तंत्र ग्रंथ भगवान शिव के मुख से आविर्भूत हुए हैं। उनको पवित्र और प्रामाणिक माना गया है। हमने यहाँ तंत्र द्वारा लक्ष्मी प्राप्ति के लिए विभिन्न सिद्ध तंत्र विधियाँ उपलब्ध कराई गई हैं। हरिद्रा तंत्र ... आगे पढ़ें...
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मार्जारी तंत्र : मार्जारी अर्थात् बिल्ली सिंह परिवार का जीव है। केवल आकार का अंतर इसे सिंह से पृथक करता है, अन्यथा यह सर्वांग में, सिंह का लघु संस्करण ही है। मार्जारी अर्थात् बिल्ली की दो श्रेणियाँ होती हैं- पालतू और जंगली। जंगली को वन बिलाव कहते हैं। ... आगे पढ़ें...
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जड़ी-बूटी अनेकानेक रोगों में कारगर साबित होती हैं। कुछ जड़ी ऐसी भी होती हैं जो विधि-विधानपूर्वक लाई जाए तो आश्चर्यजनक परिणाम देती हैं। यहाँ पर श्रीकृष्णा हरिद्राक्ष का सफल तांत्रिक-मांत्रिक प्रयोग दिया जा रहा है। सामान्य रूप सें हल्दी का रंग पीला होता है। ... आगे पढ़ें...
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मंत्रों का प्रयोग मानव ने अपने कल्याण के साथ-साथ दैनिक जीवन की संपूर्ण समस्याओं के समाधान हेतु यथासमय किया है और उसमें सफलता भी पाई है, परंतु आज के भौतिकवादी युग में यह विधा मात्र कुछ ही व्यक्तियों के प्रयोग की वस्तु बनकर रह गई है। मंत्रों में छुपी ... आगे पढ़ें...
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महामृत्युंजय मंत्र के जप व उपासना के तरीके आवश्यकता के अनुरूप होते हैं। काम्य उपासना के रूप में भी इस मंत्र का जप किया जाता है। जप के लिए अलग-अलग मंत्रों का प्रयोग होता है। मंत्र में दिए अक्षरों की संख्या से इनमें विविधता आती है। यह मंत्र निम्न प्रकार से ... आगे पढ़ें...
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महामृत्युंजय कवच का पाठ करने से जपकर्ता की देह सुरक्षित होती है। जिस प्रकार सैनिक की रक्षा उसके द्वारा पहना गया कवच करता है उसी प्रकार साधक की रक्षा यह कवच करता है। इस कवच को लिखकर गले में धारण करने से शत्रु परास्त होता है। इसका प्रातः, दोपहर व सायं तीनों ... आगे पढ़ें...
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यह विद्या शत्रु का नाश करने में अद्भुत है, वहीं कोर्ट, कचहरी में, वाद-विवाद में भी विजय दिलाने में सक्षम है। इसकी साधना करने वाला साधक सर्वशक्ति सम्पन्न हो जाता है। उसके मुख का तेज इतना हो जाता है कि उससे आँखें मिलाने में भी व्यक्ति घबराता है। सामनेवाले ... आगे पढ़ें...
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गंडा-ताबीज के दिशा-निर्देश गंडा-ताबीज देने वाले के लिए दिशा-निर्देश * गंडा देन वाले मांत्रिक, तांत्रिक, ओझा या मौलवी का चरित्र साफ होना चाहिए तथा लाभ या कष्ट निवारण के लिए ही गंडा बनाकर देना चाहिए। * किसी का अनिष्ट या बुरा करने के उद्देश्य से कभी गंडा ... आगे पढ़ें...
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तंत्र शास्त्र में चमत्कारी बीसा यंत्र का उल्लेख मिलता है। इस यंत्र के कई स्वरूप हैं, जो धन, समृद्धि, वैभव प्राप्ति के लिए, तनाव, कष्ट, विपदाओं से बचने के लिए और रोग-व्याधियों से मुक्ति के लिए लाभदायक रहते हैं। इन यंत्रों को शुभ मुहूर्त में शास्त्रोक्त ... आगे पढ़ें...
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मनुष्य जब से बोलने लगता है, उसका स्वर, उच्चारण, बोलने की क्रिया, बोलते समय के हाव-भाव, बोलने की शक्ति तीव्र या धीमी या लय वाली आदि दिखती है। यहीं से ध्वनि का संसार विकसित होता है, जो सर्वश्रेष्ठ शक्ति की सत्ता है। बोलने की शक्ति ही मनुष्य को संसार में ... आगे पढ़ें...
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त्राटक के द्वारा मन की एकाग्रता, वाणी का प्रभाव व दृष्टि मात्र से उपासक अपने संकल्प को पूर्ण कर लेता है। इससे विचारों का संप्रेषण, दूसरे के मनोभावों को ज्ञात करना, सम्मोहन, आकर्षण, अदृश्य वस्तु को देखना, दूरस्थ दृश्यों को जाना जा सकता है। प्रबल इच्छाशक्ति ... आगे पढ़ें...
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